चच्चा का जवाब शुकुल जी अऊर मगरुरवा को

12/08/2009 Leave a Comment

हां तो बच्चा लोग चच्चा फ़िर आगईन हैं..टिप टिप करबे को…तो बच्चा लोग आजकल जो कछु चल रहा है ऊ सब आप अच्छी तरह जानत ही हो…हम आजकल बहुते व्यस्त हैं..पर ऊ का है कि हमरी पिछली पोस्ट मा शुकुल जी महराज जो कछु कह गये रहिन ऊ का जवाब देने का वास्ते हम आया हूं. … पहले त ऊ टिप्पणी का काला अक्षर मा आपका सवाल फ़िन लाल अक्षर मा जवाब हमरा पढा जाय…


अनूप शुक्ल on December 5, 2009 9:26 PM said...

शुकुल जी कहिन : चच्चाजी, मजा आ रहा है आपकी चर्चा बांचने में।


चच्चा जवाब दिहिन : आपका मजा का वास्ते ई त हम ई चर्चा कर रहा हूं। जरुर मजा लिजिये..हमरा कौन पईसवा खर्च होते हैं?


शुकुल जी कहिन : लेकिन एक बात बताओ कि जित्ते दिन झाजी का लिखना-बंद रहा उतने दिन आप अंतध्यान रहे। उधर झाजी उदित हुये इधर आपकी सवारी आ गयी। आप कौन जगह चले गये थे कि बेचारे झा का हाल-चाल न ले पाये?


चच्चा जवाब दिहिन : आप जौन बात कहना चाह रहे थे ऊ त होईबे गया..अब किसको बनायेगें ई भी तय कर लिया जाये शुकुल महराज।


शुकुल जी कहिन : आप मरने की बात काहे करते हैं चच्चा जी? आप तो जियो हजारो साल।


चच्चा जवाब दिहिन : धन्यवाद शुकुल जी..पर ई जीना भी कोनू जीना है? दू टके का लौंडा लोग चच्चा को सरे आम गरिया गया अऊर आप ऊ टिप्पणी तक नाही हटा रहे हैं? तो शुकुल जी ई बताया जाये कि हम हजारों साल जीकर क्या करुंगा? ऊ टिप्पणी हटाईये फ़िर आपका दूआ कबूला जायेगा दिल से।


शुकुल जी कहिन : आप चूंकि उतने दिन लिखे नहीं जितने दिन अजय भैया का ब्लाग बंद रहा इसलिये हमारी यह बात पक्की ही समझी जाये कि अजय झा ने ही बहुत मेहनत की आज और दो पोस्टें लिखीं आज।


चच्चा जवाब दिहिन : ई आप जियादा खुशफ़हमी ना ही पालियेगा त अच्छा रहेगा शुकुल जी…लकडी अऊर झूंठ पानी मा जियादा दिन नाही रह सकत…सब समय आने पर दूध का दूध अऊर पानी का हो जाई……


शुकुल जी कहिन : बाकी समीरलाल, ताऊ और अरविन्द मिसिर जी आपके साथ कभी न आयेंगे। उनको तमाम जरूरी काम हैं।


चच्चा जवाब दिहिन : ऊ त उन लोग का टिप्पणी से सब जाहिरे हो गया है..आपसे बेइज्जती करवा कर कोई कब तक आपके साथ रहेगा? आज नही त कल आईबे ई करेंगे…आप अऊर आपके चेलवा चपटवा से कब तक गारियां खायेगा ऊ लोग?


शुकुल जी कहिन : थोड़ा खुश-खुश रहा करो चच्चा। न हो अजय झा इतने ही हंसमुख बने रहो।


चच्चा जवाब दिहिन : आप हमरा खुशी का सोच रहे हैं यानि कि आप आदमी त अच्छे ई लगत हैं..पर ई मगरुरवा ने आपका दिमाग चौपट कर दिया..ई मगरुरवा की सलाह मानना छोद देंगे त आपका इज्जत सलामत रहेगा…नही त अभी तो शुरुआत ही है शुकुल जी…हम तो आपको साफ़ बात कह रहा हूं….


शुकुल जी कहिन : वैसे एक बात यह भी है कि आप हमारा और कुश का विरोध नहीं करोगे तो आपका ब्लाग पढ़ने कौन आयेगा?


चच्चा जवाब दिहिन : शुकुल जी ई एक बात आपकी सही अऊर एक गलत…आपका नाम से तो चलो हमको पापूलारीटी मिल जाईब..पर ई कुश कौन खेत का मूली है? जो ई का विरोध करेंगे त हमरा बिलागवा कोई पढने आयेगा? हम आपका बिलाग पर टिप्पणी भी करके आये थे कि ई कुशवा कौन आईटम डांसरवा है का? अथवा कोनू वो चीयर वीयर है को ईका विरोध करने से हमरा बिलाग पढने लोग बाग आयेगा? आप भी शुकुल जी बहुते गलत बात करते हैं…बल्कि ई कुशवा की वजह से तो हमरा लिखने से मन भर गया….हम तो जब भी आप हमरा गाना कहीं गा देते हैं त लिखते हैं या कुशवा कही कमेंटियाता तब लिखता हूं…ई आपका गलत बात है..वापस लिया जाये इसको…


शुकुल जी कहिन : काहे से कि आपका अपना तो कुछ योगदान तो है नहीं। आज भी देखिये कि आपने केवल टिप्पणियां कापी-पेस्ट कर दीं। इसलिये आपकी भी मजबूरी है।


चच्चा जवाब दिहिन : ई बात आप सही कहे शुकुल जी…सही को त सही कहना ई पडेगा ना? पर आप हमको एक ठो बात बताईयेगा कि आप जो चर्चा करते है या कुशवा जो चर्चा करता है ऊमा कौ सा आप लोग खजूर वाला गुड का हांडी मिला देत हो? अरे आप भी ऊका ऐसा का ऐसा लाके चेप देते हो..साथ मा सामने वाली की मजाक उडा कर किरकिरी कर देत हो..फ़िर आपको मानहानी के नोटिस दिये जात हैं फ़िर आप ऊको हटावत हैं…त शुकुल जी महराज आपकी चर्चा से हमरी ई टिप्पणि चर्चा अच्छी…हम किसी का दिल तो नाही दुखाते…कोई आया तो उसकी मेहरबानी..ना आया तो उसकी मेहरबानी….….तो ई भरम ना पाला जाये कि हमारी कोनू मजबूरी है।


शुकुल जी कहिन : इसलिये आप लगे रहिये। हम इस बार टिपिया रहे हैं। आगे न टिपियायेंगे। आप जारी रहें।



चच्चा जवाब दिहिन : ई अच्छी कही शुकुल जी महराज…आपकी और आपके चेलवा की ई आदत बहुते खराब बा…लोगों को गाली देके फ़िर कह दोगे ..हम अब नाही आऊंगा…अरे आवोगे कितने दिन नाही? हम आपका पीछा तब तक करुंगा जब तक ऊ टिप्पणी नाही हटेगी…आप ऊ हमसे संबंधित टिप्पणि हटा दिजिये हम आपकी तरफ़ झांकेंगे भी नही। टिप्पणी हटा लिजियेगा त बाकी हम कुशवा से अपना हिसाब किताब करता रहुंगा…



अब एक टिप्पणी आज शुकुल जी के ब्लाग पर कुश मगरुरवा ने की है…जरा देखा जाये….


बाबा कुशानंद महाराज 'ग्रीब आदमी '

December 7, 2009 at 4:54 pm

सुबह सुबह समीर जी ने हमसे चैट की, जिसका हम पर अच्छा असर हुआ है.. चैट तो सार्वजनिक नहीं कर सकते पर उनकी सदाशयता के हम कायल हुए.. और उनके सुझाव पर हम अमल भी करेंगे… भविष्य में हम अपनी तरफ से शांति बनाये रखेंगे.. किसी प्रकार के विवाद में नहीं बोलेंगे.. जो लोग हम पर कीचड़ उछालते है उन्हें कोई जवाब नहीं देंगे.. अपने काम से काम रखेंगे.. हमारे बारे में कोई चाहे हमारी फोटू टांग कर कुछ भी लिख दे उस पर किसी भी प्रकार की मानहानि का केस नहीं करेंगे.. आदरणीय समीर जी की बात का मान रखते हुए हम ब्लोगिंग करेंगे..

पर उनसे मौज लेने का थोडा तो हक़ है ही हमें.. तो उन्ही की स्टाइल में नाम लिखा है आशा है वे बुरा नहीं मानेगे.. और हम पर कोई केस नहीं करेंगे..

बाय द वे.. बचपन की फोटू में तो आप क़यामत ढा रहे है.. (बचपन इसलिए की अभी तो आप माशाल्लाह जवान है)

अब आप लोग खुद ही बांच ल्यो इस मगरुरवा की टिप्पणी..खुदे मंजूर करता है कि अब शांति बनाये रखेगा….यानि सारी अशांति पहले इसी ने फ़ैलायी है। अऊर बोलत है कि ये चैट सार्वजनिक नाही करेगा..अरे तू चैट सारवजनिक करे की का बात करत है? तू तो तुहार बस चले त आदमी को नंगा भी कर सकत है…ई तो सामने वाले को सीधे सीधे धमकी है कि तेरी चैट हम सीधे उजागर कर दूंगा….

अऊर तू अभी से काहे बाबा बनत हऊ? अरे अभी तो ठीक से तेरा दूध का दांत भी टूटा नाही..जवानी शुरु भी नाही हूई अऊर इस तरह की बाते करत है…? बाय द वे…माशाअल्लाह…जैसे शब्द तुहार मुंह मा नाही जचत है…ये नाही बोला कर बचूआ…हिंदी ब्लागिंग मा अंगरेजी की टांग मत तोडा कर..सब जानत हैं कि तू केतना बडका अंगरेज बा...अऊर उर्दू..अरे क्यों उर्दू को शरम दिलावत बानी...

तू ई समझ ले बिना सोरी बोले तेरा पीछा नाही छोडूंगा…चच्चा की इज्जत से खेलना आसान नाही है…अऊर सुन ले की चच्चा कोई उडनतश्तरी नाही है जो तुहार इती बदतमीजी बर्दाश्त कर लेगा….तुझको कोई अक्ल शक्ल है कि नाही? बाप की उम्र का आदमी से सार्वजनिक रुप से इस तरह का बात चीत करते हो? निर्लज्ज कहीं का… अभी मौज लेना सीखना पडॆगा तेरे को बीस साल अऊर...

तो बच्चा लोग अब टिप टिप…हम जल्दी ही टिप टिप करने आऊंगा ईतो शुकुल जी अऊर मगरुरवा को जबाव देबे खातिर आया था।


8 comments »

  • हिमांशु । Himanshu said:  

    सब जवाब देते हैं चच्चा आप !

    हम टिप्पणी चर्चा की बाट जोह रहे हैं अगली, जिसमें मूल्यवान टिप्पणियों की चर्चा हो ।

  • Ratan Singh Shekhawat said:  

    घमंडी लोगों को बहुत बढ़िया जबाब दिया है चच्चा आपने | हम भी तुम्हारा पूरा समर्थन करता हूँ |

  • वाणी गीत said:  

    ई चाचा के आगे चेलन का कौन बिसात ....!!

  • Udan Tashtari said:  

    जय हो चाचा....सुन रहे हैं और अपना नाम भी देखे जा रहे हैं..जारी रहो!!

  • ललित शर्मा said:  

    जय हो चच्चा ये भी बढिया रहा, आभार

  • पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said:  

    चच्चा हम तो अपनी हाजरी भर चले :)

  • मनोज कुमार said:  

    नई चर्चा बढ़िया हैं बधाई

  • Leave your response!