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चंद लोगो को खुश करने के लिए.. क्या क्या नहीं करते है साले ?

12/13/2009 Leave a Comment

हां तो बच्चा लोग ..च्च्चा फ़िर आगये हैं…सबको टिप टिप…का है कि दिसंबर का महीना आगवा है अऊर हमका वापस बाहर जाये का है.  त हम सोचा कि आप लोगन से ही दू बात कर लिया जाये. हमार मन भी नाही लग रहा था…

 

आजकल का लोग केतना स्वार्थी है ईका उदाहरण आप मे से कुछ लोग त देखबे ई किया होगा? अऊर जो लोग नाही देखबे किये हैं उनका लिये ई टिप्पणी हमको डाक से मिला है। ईमा कोनू दू राय नाही है कि ई लोग बहुते गंदा लोग है।  इन लोगो का काम ही दूसर लोगन के कपडे लत्ते फ़ाडबे का है…कोनू रोज इनका कपडवा बी कोई ना कोई माई का लाल फ़ाडई देगा।

ई शुकुल जी ने हमरे शान मा मगरुरवा द्वारा की गई गुस्ताखी  वाली टिप्पणी अबी तक नाही हटाई….तो बचूआ लोग आप हमका ई बताईये कि नीचे की दू टिप्पणी इनका इहां से कौन हटा गया अऊर कौन कर गया? आप तो खुदई फ़ैसला करिये…चच्चा कुच्छौ नाही बोलेगा. हम पूरा जांच पडताल कर लिया हूं.  ई लोग  दूसर लोगों की इज्जत खराब करे का काम करत हैं….अऊर आप लोग चुपेचाप देखे जात हो? किसी दिन आपका भी इज्जत ई लोग लपेट लेगा..तब चच्चा को याद करोग

सबसे पहले ऊहां पर ये वाली टिप्पणी आई रही…..

 

नेक सलाह ने आपकी पोस्ट "उसने मुझे चूमा बहुत धीमे मैंने कसके" पर एक नई टिप्पणी छोड़ी है:

अनूप शुक्ल ने कहा…
बाकी कुश के जैसा लिखने वाले ब्लाग जगत में बहुत कम हैं। जैसा यह लेख कुश ने लिखा है वैसे लेख का लिंक आपने कभी लिखा हो बताइयेगा।

आपका उपरोक्त कथन सौ प्रतिशत सही है। और हम इसका समर्थन करते हैं। और कुश जी के दिये गये लिंक पर हमने जाकर वो उनके पुराने लेख भी पढे। उस लिहाज से कुश जी बहुत ही उच्च कोटि के लेखक हैं और साथ ही भविष्य दृष्टा भी. उन्होने कितने समय पहले यह भविषवाणी कर दी थी? बहुत आभार उनको।
आपसे अनुरोध है कि इस ब्लाग जगत मे असल गुरु (बाबा समीरानंद) और चेले (बाबा ताऊ आनंद) को निकाल बाहर किया जाये। सारी गंदगी इन दोनों की वजह से है। और इनको बाहर करने के काम मे हम आपके साथ हैं। आप और कुश जी बिल्कुल सही कर रहे हैं।
बल्कि मैं तो कहुंगा कि इन साले म.प्र. और छत्त्तीसगढ वालों को ब्लागिंग से निकाल कर बाहर कर दिया जाना चाहिये। जिससे सारी गंदगी ही दूर हो सके। और गंभीर और मौलिक लोग बचे रहें। हम आपके साथ हैं।

अब हम ई बात पर कुच्छौ नाही बोलेंगे कि ये किसने टिप्पणी की अऊर क्यों की? आप सब जानत है…खुदे  समझा जाये….अऊर ई टिप्पणि का उपर फ़िर टिप्पणी आई शिव बाबू की जो आप नीचे पढिये।

 Shiv Kumar Mishra ने आपकी पोस्ट "उसने मुझे चूमा बहुत धीमे मैंने कसके" पर एक नई टिप्पणी छोड़ी है:
@ नेक सलाह जी,

वैसे तो आपने अनूप शुक्ल जी को संबोधित किया है फिर भी मैं कुछ कहना चाहता हूँ. कुछ ज्यादा ही बड़े शुभचिंतक नहीं हो गए आप अनूप शुक्ल के? दो प्रान्तों के चिट्ठाकारों के लिए साले शब्द का प्रयोग करते समय एक बार भी नहीं सोचा आपने कि यह क्या कर रहे हैं? जिन लोगों के लिए आपने अपने इतने उच्च और महान विचार रखे हैं, वे क्या इस तरह की भाषा और विचार डिजर्व करते हैं?किसी के लिए घटिया भाषा वाली टिप्पणी लिखने में आपने तो सब को पीछे छोड़ दिया.

और एक बात. आप और अनूप शुक्ल कौन हैं किसी को ब्लॉग जगत से निकालने वाले? ब्लॉग जगत आपका है? अनूप शुक्ल का है? इस तरह की टिपण्णी करके आप खुद को मौलिक और गंभीर बता रहे हैं. ब्लॉग जगत को लेकर इतने ही गंभीर और मौलिक हैं तो प्रोफाइल पर पर्दा क्यों डाल रखा है?
हलकान भाई, कहीं ये आप तो नहीं?

अब इहां ई सवाल है कि ई हलकान भाई कौन है? समजने वाले सब समझ गये,,,कि ये सब कहां से अऊर कैसे खेल चल रहा है?  खुद ई कमेंट करो..खुद ई मिटाओ…अरे बचूआ त चच्चा ने क्या तुम्हाई भैंसिया खोली है? काहे नाही मिटावत हो ऊ कमेंटवा?

 

अऊर बच्चा लोग…अब हमको आपको ऊपर का कमेंट किसकी कारस्तानी है? कौन ई साला शब्द बात बेबात प्रयोग करत है? ऊ आप नीचे का कमेंट देख कर ही समझ जायेंगे….काहे से कि ई लोगों को दूसरे की इज्जत खराब करने अऊर गाली देने की आदत पडी हुई है.  नीचे का कमेंट मा ई गाली लिखने की कोनू परिस्थिति नाही थी..पर ई तो इनकी गंदी जबान पर चिपका हुआ है…देखा जाये तनि…

 

हिन्दुओं को राज का भय दिखाया जा रहा है

कुश Says:
December 11th, 2009 at 1:55 pm

चंद लोगो को खुश करने के लिए.. क्या क्या नहीं करते है साले!

आप उपरोक्त पोस्टवा पढिये अऊर देखिये कि वहां साले कहने की कोई गुंजाईश ई नाही थी..पर गाली दी गई है..जैसे चच्चा कॊ दी थी…अब हम कुच्छौ नाही कहुंगा..बच्चा लोग आपई फ़ैसला करो कि ई कौन है जो इन सबको साले कहिन रहा…

 

शुकुल जी पिछली बार आपन टिप्पणी मा कहे रहिन कि हम शुकुल जी अऊर मगरुरवा का जिकर करत हैं त हमार बिलाग चलबे करता है…हमार तो कोनू योगदान है नाही…तब हम जवाब मा लिखे रहिन कि शुकुल जी आप अऊर मगरुरवा कोनू आईटम डांसरवा हैं का? जो हमार ब्लाग पर हम आपका आईटम डांस करवा कर लोगों को बुलाते हैं? भाई उनको कोनू गलत फ़हमी ना हो ..इसलिये आप लोग हमार ब्लाग का मुख्य पृष्ट पर इहां से जाके दाहिनी तरफ़ हमरा आईटम डांसर गुरु- चेलवा का डांस जरुरई देख के जाईयेगा..अऊर बताना की कैसन लगा आपको ई आईटम डांसर  गुरु चेलवा का डांस? 

तो अब चच्चा की तरफ़ से टिप टिप…अऊर बच्चा लोग ई ध्यान रखो कि ऊपर वाले के इहां देर है अंधेर नाही…हमको भी न्याय मिलेगा…अऊर जरुर मिलेगा तब तक हम चैन से नाहि बैठूंगा….. बच्चा लोग हम फ़टाफ़ट वापस आरहा हूं आपके लिये टिप टिप टिप्पणी लेके...तब तक आप गुरु चेलवा का कान अऊर नाक खिंचाई वाला भिडियो इहां देखिये.....

19 comments »

  • कूप कृष्ण said:  

    सब साले ऐसे ही हैं
    इन लिंक्स को कोई देखे ध्यान से और इन लोगों से ही पूछें कि हलकान कौन

    http://chitthacharcha.blogspot.com/2009/10/blog-post.html
    http://hindini.com/fursatiya/archives/769
    http://prashant7aug.blogspot.com/2009/10/blog-post.html

  • कूप कृष्ण said:  

    ये वही अनूप शुक्ल हैं जो यह ढोल पीटते घूमते हैं कि उनहोने ब्लोगिन्ग शुरु करने के बाद से कोई टिप्पणि नहीं हटाई

  • डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said:  

    राम-राम चच्चा!
    खूब लपेटते हो बच्चा!

  • ललित शर्मा said:  

    चच्चा आप भी "जासुस करम चंद" से कम नही हैं, कहाँ-कहाँ की अंदर की खबर रखते हैं, जिन शब्दों से दो प्रदेश के ब्लागरों को की वंदना की जा रही है क्या ये सही है? इसका जवाब अन्य ब्लागर भाई ही दें। आपको भी शुभकामनाएं और सभी सज्जनों को भी।

  • पी.सी.गोदियाल said:  

    चचा, kyaa baat kaafee gusse mein najar aa rahe hain ?

  • राजीव तनेजा said:  

    मुझे तो ये करमचन्द वर्सेज़ धरमचन्द का मामला लग रहा है... एक गुट अपना ब्लॉगर धर्म निभा रहा है और दूसरा टाँग खींचने का अपना पैदायशी कर्म निभा रहा है ...


    चर्चा बढिया रही

  • PD said:  

    ओहो!! साला हमरे पोस्ट का लिंकवा भी कमेंट में मिल ही गया.. वईसे हलकान विद्रोही को तो हम हलकान के नाम से ही जानते हैं.. :)

  • जनक said:  

    कबले रखाब तू मान ..साले अपना दुवार ...
    काहे देत नइखे बतिया पे ध्यान ?
    धइल धइल ह जाई पुरान..सरउ ..धइल धइल हो जाई पुरान .
    इ बिलकुल शुकुलवई हौ .एमा दू राय नइखे .इ राजा जी ...
    इ हो चच्चा नचनिये त मस्त बाड़े हो दादा ....हमारा लगन में चलिही का इ राजाजी

  • पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said:  

    भीडियो तो दिखाई ही नहीं दे रहा जी :)

  • Suresh Chiplunkar said:  

    अरे चच्चा, इन "साले" विशेषण वाले राज्य के तो हम भी हैं… और छत्तीसगढ़ की नईनवेली ब्लागर एसोसियेशन के सभी मेम्बरान भी,,,,, साथ ही जबलपुर ब्रिगेड के अधिकतर सदस्य भी इन साले स्टेट्स के ही है… अब क्या किया जाये बतायें… :)

  • Arvind Mishra said:  

    हम तो खुदई हलकान हो गए इन हल्कानियों से ..अब क्या क्या बताऊँ !

  • अनूप शुक्ल said:  

    जिन टिप्पणियों को कूडा जानकर हमने मिटा दिया उनसे अपनी पोस्ट सजाना चाहते हैं आप तो यह आपकी समझ और मर्जी है!

  • Udan Tashtari said:  

    किस ने मुझको सदा दी बता कौन है
    ऐ हवा तेरे घर में छुपा कौन है

    मैं यहाँ धूप में तप रहा हूँ मगर
    वो पसीने में डूबा हुआ कौन है

    -बशीर बद्र...

    टिप्पू चच्चा-जिंदाबाद!!!

  • Ratan Singh Shekhawat said:  

    चच्चा !
    घटिया लोग घटिया बातें ही लिख सकते है | इनका लिखा ही इनकी मानसिकता प्रदर्शित कर रहा | कभी ये कहीं साले लिखते है तो कहीं ब्लडी जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते है |
    हिंदी ब्लॉग जगत में मिली थोड़ी इज्जत ये लोग पचा नहीं पा रहे है इन्हें यह नहीं पता कि दूसरों को इज्जत देने पर ही खुद को मिलती है | देखना इसे व इसके आका को यहाँ कोई पूछने वाला नहीं बचेगा | जो जो व्यक्ति इनकी घटिया टिप्पणियाँ पढ़ेगा इनका बहिष्कार करता जायेगा | जो थोड़ी बहुत इज्जत इन्हें मिली थी वो मिटटी में मिल जाएगी |

  • Ratan Singh Shekhawat said:  

    चच्चा वीडियो मजेदार लगा

  • ताऊ रामपुरिया said:  

    हम तो बस इतना जानते हैं कि

    जाति न पूछो साधु की, पूछि लीजिए ज्ञान ।
    मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान ॥


    अच्छा है लोगों ने हमको स्वामी तो माना..उनका इस बात के लिए आभार.

    और गुरु जी के साथ ये क्या जुड़ाव बतायेंगे, हम तो खुद ही घोषित शिष्य हैं

    आपके यहां हमारी की गई पिछली टिप्पणि के रहीम के दोहों को भी लेजाकर
    लोगों ने हम पर व्यंग किये हैं. करने दो चच्चा..अब क्या कहे? सिवा इसके :-

    कबीरा तेरी झौंपडी गल कटीयन के पास
    जो करेगा वो भरेगा, तू क्युं भया उदास.


    ईश्वर सबको सद्बुद्धि दे.

    और हां चच्चा आपका विडियो तो बहुत मनोरंजक लगा, खराब मूद के बवजूद भी हंसा गया. आपका आभार.

    रामराम.

  • ताऊ रामपुरिया said:  

    भूल सुधार

    मूद = मूड

    पढिये.

    रामराम.

  • RAJNISH PARIHAR said:  

    मुझे समझ में नहीं आता..ये वाद विवाद क्यूँ??ब्लोगिंग के लिए अच्छा संकेत नहीं है ...आपस में लड़ाई झगड़ा छोड़ कुछ अच्छा काहे नहीं लिखते भाई???

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