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टीप के ऊपर टिप्पा, कर लो लारा लप्पा..

10/30/2009 Leave a Comment

देखिये जी ई बात देखा जाए....हमरे चच्चा तो मालिक हैं ...हम सेवक भतीजा हैं उनके...चचा जईसन धांसू-फ़ांसू, और ठांसू चर्चा ..ऊ भी सचित्र अमर कथाएं टाईप ..हमरे बस का बात नहीं था ....मुदा जब आप लोगन को ठोक ठोक के टीपते देखे ..तो सोचे काहे नहीं ई को नए अंदाज ..लपेट दिया जाए.....आप लोगन तो टीप के निकल लिये...मुदा कहां जी....हम का कहते हैं उसके बाद ...उहो तो सुनते जाईये न....देखिये देखिये..गोसियाईयेगा नहीं...अरे ठिठोली किये हैं जी ...बस टेंप्रेचर नापने के लिये...जो तापमान ठीक रहा तो ..हम ऐसने करेंगे...बकिया तो चच्चा को रोहित के साथ भार दिये ही हुए हैं...ऊ सम्भाल लेंगे ..सब...


मिल कर बस्ती के कंगालो ने
नया कुड़ता फ़ाड़ दिया सालो ने

जब कुरता ही सालों ने दिया था,
तो वो फ़ाड़ने का हक भी रखते हैं
जीजा को ऐसे ही थोड़े घुमने देन्गे,
उसका इंतजाम भी करेंगे-रक्षा बंधन तक
तब तक के लिए विश्राम,अगर कुर्ता एक ही था तो,

बहुत बढिया व्यग्य आज कल की पब्लिक कवि सम्मेलनो मे यही चाहती है -हल्का-फ़ुल्का-जायकेदार-चटखारे वाला

गोदियाल जी को घेरा बस्ती के कंगालों ने और कुरता दिहीन फ़ाड,

देखिये जी हम सोच रहे थे कि पोस्ट ठेलने के लिये हमही पता नहीं कौन कौन जुगत लगाते हैं...मुदा एतना ...बताईये तो...ससुर जी का दिया हुआ कुर्ता फ़डवा दिए ....पूरा बस्ती से ...तब कहीं जाके गलियाने का मौका मिला....और इ पोस्ट ठेलाया है जी....ऊ कुर्ता फ़डवा लिये तो आप टीपेंगे भी नहीं ई तो कौनो बात नहीं हुआ ..........



खुशदीप जी,
आपने एक बहुत ही स्वस्थ विचार गोष्ठी सा आयोजित कर दिया है अपने ब्लॉग पर......हम आपके आभारी हैं....और किसी को भी कोई आघात नहीं पहुंचना चाहिए सब अपनी बात दिल खोल कर कर रहे हैं संयत भावः से......Let us agree to disagree......
आप फिल्म की कहानी सुना रहे हैं...हां देखी है ये फिल्म 'दूसरा आदमी'....लेकिन बात थोडी हट के है यहाँ...कहानी में नायक की पत्नी है.....और यहाँ एक घर तो तोड़ने की बात आजाती है जिसे भारतीय दर्शक कभी भी मंजूर नहीं करते....इसलिए....'अच्छा है संभल जाएँ' हो गया.....साथ ही राखी और ऋषि में उम्र का फर्क इतना ज्यादा नहीं था......वैसे अपने ज़माने में लीक से हटकर बनी थी ये फिल्म.....महावीर और जानकी के सन्दर्भ में ऐसी कोई रुकावट (पति या पत्नी) नहीं था....
एक बार फिर मैं स्पष्ट करना चाहूंगी......मुद्दा ये नहीं है कि एक छोटे उम्र के लड़के ने एक बड़ी उम्र की महिला से विवाह किया.....बड़ी तो ऐश्वर्या भी है अभिषेक से........हम पहले भी कह चुके हैं की उम्र का फासला एक हद तक हो तो बात पचती है...जैसे अगर यह दूरी २० वर्ष की भी होती तो शायद नहीं खलती लेकिन फर्क ४० वर्ष बहुत ज्यादा है......हमारी मानसिकता ही ऐसी है......और ऐसे रिश्ते संबंधों कि गरिमा को हताहत करते हुए महसूस होते हैं...

ई तो एकदमे कमाल चल रहा है जी ...चर्चा की चर्चा , फ़िल्मी परिचर्चा....एतना गंभीर विमर्श बिना किसी खर्चा ...अरे अभी चौपाल लगा हुआ है जी...आपहु पहुंच के अपना अपना मत दिया जाए जी ..


ये कैसा फुल है जिसने पकड़ा इतना तुल है,
सिर्फ पत्तियों से बना है यहाँ न कोई सुल है |
क्या हम समझ रहे है वही है? बात ये मूल है |
या फिर हमारा दिमाग कर रहा कोई भूल है,
अगर डाक्टर झटका कहदें तो कबूल है|
वरना अपना तो हमेशां एक ही उसूल है,
ढूँढते रहो लगातार तेम खोटी करना फिजूल है


ई बिल्लनिया ताऊ के साथ घूम घूम के पता नहीं कौन कौन जीव जंतु का फ़ोटो ले लेती है ..कभी कौनो झाडी जंगल में घुस जाती है ...और कईसन कईसन तो पहेली पूछ लेती है...तो हमही लोग कौन कम हैं..अईसन अईसन जवाब देते हैं कि बस ...ओईसे ई सब ताऊ जी की संगत का ही असर है ...बिल्लनिये बिगड गई है ....देखिये आज ई फ़ोटुए और माथा पीट पीट के जवाबियाईये...


अजी हमे तो कुछ भी समझ मै नही आया? कही टंकी पर चढने की तेयारी तो नही हो रही? सोच ले सर्दियो मै पानी की टंकी पर...तेज हवा...

हांय ई का है जी ...कहां तो मिसर जी अपना निजि डायरी आपको लोगन के लिये दर्शनार्थ खोले हैं ....और उसके निहितार्थ में आप लोगन ई संदर्भार्थ निकाल रहे हैं कि ...ई आशंकार्थ व्यक्त किया जा रहा है कि कहीं ये टंकी आरोहणार्थ तो नहीं किया जा रहा है...उफ़्फ़ इत्ता साहित्य ..अब इससे जादा नहीं लिख पायेंगे जी ॥


भई जुगलबंदी तो खूब हिट हुई..मगर बीच मे २४ सेकेंड मे २४ रिपोर्टर वाली फ़टाफ़ट चर्चा-ट्रेन कई स्टेशन्स से इतनी तेज निकली कि समझ मे नही आया कि कब कानपुर निकला कब इलाहाबाद आया..अगर फ़टाफ़ट चर्चा के ब्लॉग्स का कुछ रिफ़ेरेन्स भी यही मिल जाता तो वापसी की ट्रेन न पकड़नी पड़ती...

अजी आप तो देखते जाईये अभी ई तो दोरंतो थी ....अभी तो सुने हैं कि पंकज जी कौनो फ़ैक्ट्री मा एक ठो बुलेट टरेन का भी तैयारी कर रहे हैं.....उ तो सुने हैं कि एतना फ़ास्ट चलेगा कि ...आपका अगला पोस्ट सब भी चढा लेगा जी ....तैयारी कर लिजीये....



हे भईया यी कौनो नवकवा पिंगल क कविता है का मगर बहुत नीमन लागत बा हो -
सुगम अगम मृदु मंजु कठोरे,अर्थ अमित अति आखर थोरे
निज मुख मुकुर मुकुर निज पानी गहि न जाई अस अद्भुत बानी
शरद कोकास जी आईये अब समालोचना के लिए !

जे बात ईहां तो तसखेली चल रहा है जी ..नहले पर दहला ..और दहले पर गुलाम...एक से एक बढ के पत्ता...ई पोस्ट अरे नहीं गडबड ...ओह हो ..कडबड ...कविता ..कौनो लंठे ठेल सकता है जी ...और ऊ पर टीपना ....मिसरे जी का बस का बात है..मुदा ऊ भी कह रहे हैं ..कोकस जी आईये न ...सुन रहे हैं न कोकस जी ..।


ई टेस्टिंग हो रही है जी ..यदि सफ़ल पाई गयी तो चच्चा की अनुमति से इसे आगे बढाया जाएगा ...नहीं तो चच्चा हईये हैं

16 comments »

  • संगीता पुरी said:  

    इस टिप्‍पणी चर्चा में गिनती की ही कई टिप्‍पणियां हैं .. पर सारी चुनी हुई .. बहुत बढिया !!

  • अजय कुमार झा said:  

    संगीता जी ये टेस्ट पोस्ट है ..बस ये टेस्ट करने के लिये कि अंदाज ठीक है तो .....

  • ललित शर्मा said:  

    बढिया रही टिपणी चरचा-आपने हल कर लिया परचा, बधाई-शुभकामनाएं

  • गिरिजेश राव said:  

    बड़ी मेहनत किए हैं ! दूर तक निबाह पाए तो क्या कहने !!
    अड़बड़िया कड़बड़ पर भीड़ आने लगी है। जगह देने के लिए धन्यवाद।
    ________________________
    एग्रीगेटरों से भी आगे का काम आप चर्चा वाले जन का रहे हैं। बाँट लीजिए आप लोग काम को अपने बीच जैसे - 'अ' से लेकर 'अ:' से शुरू होने वाले ब्लॉगों की चर्चा एक व्यक्ति करे तो 'क' से 'ञ' तक वालों पर कोई दूसरा . . बस एक सुझाव है ताकि काम बँट कर आसान हो जाय। और भी तरीके आजमाए जा सकते हैं।

  • विनोद कुमार पांडेय said:  

    सफल है भाई आगे बढ़ाइए चर्चा...हम इंतज़ार करेंगे..बढ़िया प्रयास..धन्यवाद

  • Anonymous said:  

    टेस्टिंग तो बढ़िया रही चटखारेदार
    अब आगे बढ़ा जाए

    बी एस पाबला

  • Mishra Pankaj said:   This comment has been removed by the author.
  • Mishra Pankaj said:  

    भैया अजय नमस्कार ....
    अब का बताये आप तो सब कुछ लिख ही दिए है कल की पोस्ट में गरियाने के कुछ फायदे बता रहा हु आइयेगा :)
    और हां आप का चर्चा का तरीका पसंद आइल ...इ बतावई हमार फेव्रेरेट चचा कहा हौवे ....का है भैया ना कुछ लोग हमें बोले है कि तुम्हार फेवरेट चचा ...ता चचा से बोली की इ भतीजवा पेभी ध्यानदीही

  • पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said:  

    टेस्ट तो बढिया है जी,लेकिन नमक थोडा कम लग रहा है......तनिक डाल ही लीजिए :)

  • Ratan Singh Shekhawat said:  

    बढिया चर्चा !

  • रंजन said:  

    आज तो बहुत चर्चा है.. मस्त..

  • MANOJ KUMAR said:  

    टेस्ट है, तो बेस्ट है।

  • राजकुमार ग्वालानी said:  

    हैंडिंग देखकर ही लगा था कि यह तो अपने झा जी ही हो सकते हैं। नई पारी के लिए बधाई।

  • Udan Tashtari said:  

    ये सही लारा लप्पा है.

  • 'अदा' said:  

    झा जी,
    जब टेस्तियाना ऐसा धाकड़ है तो पोस्टवा कैसा होगाSSSSSS......

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