प्रस्तुत है आज की टिपण्णी चर्चा

10/07/2009 Leave a Comment

चच्चा टिप्पू सिंह की टिप टिप... इस टिप्पणि चर्चा में आपका स्वागत है.. टाईम बहुते ज्यादा है...चच्चा के पास टाईमे त फ़ालतू है...और आज ई रोहित बचवा बोले .. चच्चा हमका भी ई ससूरी इलागिंग बिलागिंग सिखाय दो...हमने कहा बचुआ ई बडी गंदी लत है...कोई तुम्हारे पीछे भी लग जायेगा तो चच्चा की तरह टेंपलॆटवा बदलते फ़िरोगे...

तो रोहित बचुआ बोले...चच्चा ई त कोनू ठीक बात नही ना है? हम बोले ..यार हमने कौन गलत कह दिया? ऊ कहने लगा कि आप हमसे रोज टेंपलेटवा बदलवाते रहे...अब हमको तो इसकी आदत हो गई...लाओ हम टेंपलेटवा बदल देते हैं...हम कहा --दूर बुडबक कहीं का...अरे जब मगरुरवा ने नही बदला तो तुम काहे बिलबिला रहे हो बदलने का लिये?

रोहित कहने लगा कि चच्चा टेंपलेटवा नाही बदलवा रहे हो तो लाओ हम भी आपकी टिप्पणि चर्चा को मगरुरवा जैसी बनाये देत हैं...हम कहा..वाह जियो बचुआ ...जियो....

तब ऊ कहा की चच्चा आप कहो तो हम मगरुरवा जैसी ब्लाग चर्चा कर डाले? देखना उससे भी अच्छी करेंगे....एक मौका दो हमे? हम कहे भाई आज तो तुम टिप्पणी चर्चा मे अपनी कारीगरी दिखाओ...फ़िर तुमको एक दू दिन सप्ताह मे फ़िक्स कर देंगे ऊ दिन तुम ब्लाग चर्चा कर लिया करना.... और इसका बाद तुमको एक ठो ब्लाग चर्चा की दूकान खुलवा देंगे... रोहित कहा ..ठीक है चच्चा....आज ब्लॉग्स ज़्यादा त कुछ है नही इसलिए हम तुरंते ना चल कर आराम आराम से बढते हैं अपने पहले ब्लॉग की ओर..



तीर्थ और व्रत सभी हैं तुम्हारे लिए,
चाँद-करवा का पूजन तुम्हारे लिए,
मेरे प्रियतम तुम्ही मेरी आराधना।
जिन्दगी भर सलामत रहो साजना।।


-डा. रुपचंद्र शाश्त्री मयंक


आज करवा चौथ पर अधिकतर पोस्ट मिली हैं..उन्ही को पहले लेते हैं.

करवा चौथ पर इन देवियों से मिलिए ...

महफूज़ अली ने कहा

hahahahahahahahahahaha............

hahahahahahahahahahahaha.............

haahahahahahahahahahahahahaha............


बोली सास कराह कर
लिखी भूमिका तूने इसकी
मैं करूंगी उपसंहार
जीत गयी तू अबकी, मैं गयी हूँ हार
जी भर के करवा ले अपनी जय जैकार
अगली बार, लूंगी जब अवतार,
सात पुश्तें तेरी, करेंगी हाहाकार ...

hahahaha........ maza aa gaya
Wednesday, October 07, 2009 7:40:00 PM


करवाचौथ की हार्दिक शुभकामनाये !



शरद कोकास said...

इस तरह चान्द हमको मामा बनाता है । आपने करवा चौथ का उपवास रखा या नही ?
October 7, 2009 12:50 AM

करवा चतुर्थी और भ्रांतियां


'अदा' ने कहा…

वाणी जी,
करवा चौथ की आपको भी बहुत बहुत शुभकामना...
इस व्रत की इतनी विस्तृत जानकारी देने के लिए बहुत बहुत आभार...हमारे घरों में तो तीज की जाती है लेकिन इस बार मैं भी करवा चौथ कर रही हूँ...और मेरे पति गंजे भी नहीं हैं.....इसलिए अगर वो छत पर चले गए तो चाँद के छुपने के चांस ज्यादा हैं उनके घने काले बालों में.....हा हा हा हा..
बहुत ही रोचक आलेख...आपने इस त्यौहार के अविर्भाव से लेकर उद्देश्य और आज के सन्दर्भ में जो बाजारीकरण हो रहा है सब कुछ समेत लिया ...बहुत ही सुन्दर.....
एक बार फिर एक सफल पोस्ट के लिए बधाई...और हाँ ये बात मुझे भी खलती है जब भाईयों ने बहन को धोखे से चाँद चलनी से दिखाया था तो फिर यही गलती इतनी धूम-धाम से क्यूँ दोहराई जाती है हर सुहागन के द्वारा ...बड़ी अजीब बात है...लेकिन रोचक है...... पुनः आपको करवा चौथ की शुभकामना ....



तो दोस्तों ये थी आज की चिठ्ठा चर्चा.. कल और आज में कई ब्लोग्स ऐसे थे जिन पर कुछ अच्छी पोस्ट आई पर सबको समेटना थोडा मुश्किल था.. कुछ पोस्ट के लिंक आप भी टिपण्णी के माध्यम से दे सकते है.. अभी हम विदा लेते है.. फिर मिलेंगे


चौथ के चंदा सुनो तुमको हमारी सौंह लगे


हिमांशु । Himanshu said...
बेहद खूबसूरत नज़्म ! चिन्तन अच्छा है । अपनी संवेदना भी तो भर गयी है लबालब इस रचना में ! हम पूजेंगे ही - चौथ का या तीज का ! आभार ।

October 6, 2009 5:37 PM




कंचन सिंह चौहान said...

अरे नही सहेली...! ऐसी धमकियाँ न दो भई..! तीज के चाँद को पूजने की...! तुम से प्यार है तभी तो लुका छिपी खेलता है तुम्हारे साथ..! और सुनो मोहतरमा क्या भरोसा कि तीज का चाँद भाव ना ले..!

सर झुकाओगी तो पत्थर भी खुदा बन जायेगा..!

सो जिसे पूज आई उसे ही पूजती रहो.... साल दर साल...ताउम्र..अपने प्रियतम की हमेशा प्रिया बन कर रहो...!

मुझे पता नही क्यों तुम्हारा ये फितूर बहुत बहुत बहुत अच्छा लगा....! बिलकुल पारुलाना...!

October 7, 2009 12:16 AM



रंजना said...

इसे बुरा कैसे कहूँ...इसी नटखट चाँद ने तो तुमसे इतना सुन्दर गीत लिखवा दिया....

करवा चौथ की बहुत बहुत सुभकामना...अखंड सौभाग्यवती रहो...पति की प्यारी रहो...

October 7, 2009 4:51 AM


मक्खन, करवा चौथ और "सयापा"



जी.के. अवधिया said...
अरे भई कम से कम करवाचौथ के दिन तो मक्खन को बख्श दिया होता।

इस पोस्ट को पढ़ कर कवि श्री गोपाल प्रसाद व्यास की ये पंक्तियाँ याद आ रही हैं:

यदि ईश्वर में विश्वास न हो,
उससे कुछ फल की आस न हो,
तो अरे नास्तिको ! घर बैठे,
साकार ब्रह्‌म को पहचानो !
पत्नी को परमेश्वर मानो !

वे अन्नपूर्णा जग-जननी,
माया हैं, उनको अपनाओ।
वे शिवा, भवानी, चंडी हैं,
तुम भक्ति करो, कुछ भय खाओ।
सीखो पत्नी-पूजन पद्धति,
पत्नी-अर्चन, पत्नीचर्या
पत्नी-व्रत पालन करो और
पत्नीवत्‌ शास्त्र पढ़े जाओ।
अब कृष्णचंद्र के दिन बीते,
राधा के दिन बढ़ती के हैं।
यह सदी बीसवीं है, भाई !
नारी के ग्रह चढ़ती के हैं।
तुम उनका छाता, कोट, बैग,
ले पीछे-पीछे चला करो,
संध्या को उनकी शय्‌या पर
नियमित मच्छरदानी तानो !!
पत्नी को परमेश्वर मानो !

कविता लंबी है, पूरी पढ़ने की इच्छा हो तो यहाँ पढ़ें - पत्नी को परमेश्वर मानो

October 7, 2009 10:20 AM


"सलामत रहो साजना" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक")



Babli ने कहा…


बहुत बहुत बहुत सुंदर रचना लिखा है आपने और इस करवाचौथ त्यौहार को और पावन बना दिया है आपकी रचना ने !



रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

बहुत बढ़िया रचना लिख दी है आपने आज के इस त्यौहार पर ...सुन्दर
October 7, 2009 5:30 PM


अब कुछ अन्य ब्लागस की सैर पर चलिये चच्चा के साथ.....

कुछ तो है उस दंडधारी शख्स में ....?



अजय कुमार झा, 7 October, 2009 7:28:00 AM IST
मा साब शुक्र है कि आप लोग बच्चों को गांधी जी से परिचय तो करा रहे हैं...यहां शहरों में तो ये बिल्कुल बेमानी बात बन कर रह गयी है..कोन्वेन्ट स्कूलों में ..और बच्चों के लिये भी...


इस ब्लोग पर पोस्ट ने मार दिया शतक ..नहीं झेली होगी. इत्ती लंबी चर्चा अबतक


और झा जी ने ये बना दिया चिट्ठाचर्चा का रिकार्ड...आज तक नही हुई ऐसी काव्यमयी १०० चिट्ठों की चर्चा..बधाई..बहुत बहुत बधाई..जियो..चच्चा के शेर..जियो....


Udan Tashtari ने कहा…
१०० का आंकडा..धन्य भये बालक!! बहुत बधाई. शतकवीर, तुम्हारी १०० ठो में अपना नाम खोजते ही थक गये, फिर भी बधाई तो धर ही लो..काहे कि हमारे प्रिय तो हईये हो!! :)

शुभकामनाएँ..कई शतक लगाओ!!

October 7, 2009 6:13 AM




Arvind Mishra ने कहा…

चिट्ठा सैकडा के सश्रम संकलन /संचयन पर आपको साधुवाद ! यह ट्रेंड सेटर बनें !

October 7, 2009 8:52 AM




राजकुमार ग्वालानी ने कहा…

हर पोस्ट हमने खंगाली
फिर शतकीय पोस्ट लिख डाली
नाराज न हो किसी भी पोस्ट के माली
आगे नहीं रहेगी आपकी भी झोली खाली
जिस दिन हमने आप पर नजर चढ़ा ली
महके की आपकी पोस्ट की भी डाली
(अजय झा जी के लिए ये चंद पंक्तियां पेश है, शतकीय पोस्ट पर बधाई के साथ)

October 7, 2009 8:54 AM


अब ये टिप्पणी चर्चा कैसी लगी? अवश्य बताये...जिस ब्लाग की टिप्पणीयां आप शामिल करवाना चाहें ..चच्चा को सूचित करें..

आज का आदर्श वाक्य :-- अपमान को कभी मत भूलो!

अब चच्चा टिप्पूसिंह की टिप टिप...जल्दी ही मिलते हैं एक और टिप्पणी चर्चा मे और जल्दी ही रोहित की ब्लाग चर्चा भी आपको बहुत ही दिल्चस्प अंदाज मे पढने को मिलेगी...

अन्याय के आगे नही झुकेंगे। सर कट जाये मगर सम्मान नही खोयेंगे।

17 comments »

  • दर्पण साह "दर्शन" said:  

    hamesha ki tarah badhiya tippani charcha....

    "Hum tiepnge to bologe ko tipta hai"

  • HEY PRABHU YEH TERA PATH said:  

    सुन्दर!!!! चच्चा! अति सुन्दर चर्चा, बिटवा रोहित बडा ही होशियार हो गया है>
    mumbai tiger

  • Pankaj Mishra said:  

    चच्चा मै तो सोचा आप चले ही गए दो दिन से कोई जवाब नहीं.
    हा रोहीत के लिए हमारा प्लेटफार्म खाली है वहा चर्चा करने दीजिये :)

  • हिमांशु । Himanshu said:  

    बहुत ही सुन्दर टिप्पणी चर्चा हो गयी यह तो । चित्रमय, सौन्दर्ययुक्त ! आभार ।

  • वाणी गीत said:  

    इ टिपण्णी चर्चा तो बड़ा जोरदार रहा ...

  • ताऊ रामपुरिया said:  

    वाह चच्चा ये तो बहुत ही सकारात्मक और लाजवाब चर्चा रही. आ गये चच्चा आप तो.

    रामराम.

  • ताऊ रामपुरिया said:  

    भूल सुधार :

    आ गये चच्चा आप तो. = छा गये चच्चा आप तो.

    रामराम.

  • Udan Tashtari said:  

    बेहतरीन चच्चा!! आज तो हमारी फोटो भी चमका कर लगा दी..धन्य हुए. कम से कम आप तो हो कि चर्चा हो जाती है किसी भी बहाने वरना तो बहिष्कृत केटेगरी में हो लिए हैं कई जगह से सच बोलने के आरोप में. :)

  • राजीव तनेजा said:  

    सुन्दर...अति सुन्दर

  • अजय कुमार झा said:  

    वाह चच्चा ..मुझे बेहद फ़ख्र है इस बात का कि मुझे आपका साथ मिला....आज तक देखी -पढी गयी सभी चर्चाओं में सबसे प्रभावी और आकर्षक लगी....अब शायद ये देख कर ही उन्हें कुछ एहसास हो....यदि संवेदना बची होगी तो...एक बार रोहित को हमारा भी स्नेह दें....मैं जानता था..जो इतिहास पढना जानते हैं...वे इतिहास बनाना भी जानते हैं.....और अध्याय लिखे जा रहे हैं....बहुत बहुत शुभकामना...स्नेह बनाये रखियेगा...और हां ..उडनतशतरी जी ...बताईयेगा जिस दिन आप बहिष्क्रित होंगे न...कसम से हम वो समाज ही छोड देंगे...

  • महफूज़ अली said:  

    wah! yeh bhi maza aa gaya ..dekha kar.........maaf kijiyega.......... padh kar..............hahahahahahahahahaha.........

    bahut achche se sanjoya hai aapne ..........

  • रंजना [रंजू भाटिया] said:  

    हम भी आ गए टिप्पणी चर्चा में शुक्रिया जी बहुत बढ़िया है यह तो :)

  • 'अदा' said:  

    होसियार......खबरदार.....
    अब तो भईया सोच समझ कर कीजिये टिपण्णी सरकार.....
    नहीं तो टिप्पू चाचा ले लेवेंगे क्लास तोहार.......
    और हो जावेगा बँटा धार...
    और इ टिपण्णी-चर्चा भी रही मजेदार
    तो इसी बात पर कर लीजिये धन्यवाद स्वीकार.....

  • Shefali Pande said:  

    टिप्पणियों पर आपकी नज़र काबिल -ए - तारीफ है ...

  • डा० अमर कुमार said:  


    आज की चर्चा पढ़ी ,लेकिन टिप्पू चच्चा
    कितने स्वनामधन्य दे गये आपको गच्चा !

  • पं.डी.के.शर्मा"वत्स" said:  

    बढिया रही ये टिप्पणी चर्चा.....

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